स्क्रीन और डिजिटल उजास के इस युग में
कृष्ण का एक नया रूप उभरता है
समय की बदलती हुई आभासी दुनिया में।
उनके हाथ में बाँसुरी नहीं,
हथेली पर जगमगाता स्मार्टफ़ोन है,
और उसकी रोशनी में
वह जीवन के उतार-चढ़ावों के बीच
हमें राह दिखाते है।
देखो,
आधुनिक वेश में कृष्ण,
आभासी संसार के बीच
ज्ञान की एक ऐसी ज्योति,
जो निरंतर प्रेरणा देती है।
बाइट्स और पिक्सलों में
जैसे कोई विराट नृत्य घट रहा हो,
और वह
अपनी सहज करुणा के साथ
हमें आगे बढ़ने का मार्ग दिखा रहे हो।
वृंदावन के उन हरे-भरे मैदानों में नहीं,
बल्कि साइबर स्पेस में
वह अपनी दिव्य प्रेमधारा बाँटते नजर आते है।
डेटा की अनगिनत धाराओं में
उनके संदेश गूँजते हैं,
और डिजिटल स्वप्नों में खोए हुए
मनुष्य के भीतर
सोया हुआ हृदय फिर जाग उठता है।
उनके ट्वीट करुणा से भरे हैं,
उनके स्टेटस
मानवता को ऊपर उठाने वाले उपदेश हैं।
इस आधुनिक कृष्ण का मार्गदर्शन
हमें धीरे-धीरे
एक ऊँचे सत्य की ओर ले जाता है।
इस डिजिटल युग में
उनका संदेश बहुत ही स्पष्ट है
प्रेम
एकता
सत्य
इन तीनों को
अपने भीतर सँजोए रखो,
क्योंकि यही वोह सूत्र हैं
जो हमें एक-दूसरे से
वास्तव में जोड़ते हैं
अब किसी ग्वाले की बाँसुरी नहीं बजती,
एल्गोरिधम अपनी धुन रचते हैं
और उन्हीं अदृश्य ध्वनियों में
आशा की एक नई मधुरता जन्म लेती है।
आधुनिक कृष्ण
वेब के इस अनंत आलिंगन में
हमारे साथ है
हमें स्क्रीन के पार,
डेटा के पार,
इस आभासी संसार के पार
फिर उसी दिशा में ले जाते हुए
जहाँ प्रेम है,
जहाँ मनुष्य मनुष्य से
जुड़ता है,
और जहाँ सत्य
अब भी अपना प्रकाश फैलाए
हुए है।
~ डॉ इन्ताज मलेक
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